5 अप्रैल: मंडी जिले में दिव्यांग महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-1 मंडी की अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को राहत देने से इनकार किया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 13 जनवरी की है। आरोप है कि आरोपी ने 40 वर्षीय मानसिक रूप से अक्षम महिला के साथ दुष्कर्म किया। घटना के दौरान एक स्थानीय व्यक्ति ने आरोपी को देख लिया और शोर मचाया, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। शोर सुनकर पहुंचे लोगों ने पीड़िता को बदहवास हालत में पाया। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद आरोपी ने जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है और फॉरेंसिक रिपोर्ट में सीमेन नहीं पाया गया है, इसलिए उसे जमानत दी जानी चाहिए।
वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि यह एक जघन्य अपराध है और आरोपी के बाहर आने पर गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि भले ही वैज्ञानिक साक्ष्यों में कुछ कमी हो, लेकिन चश्मदीद गवाह और पीड़िता के बयान अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। अदालत ने कहा कि मानसिक रूप से दिव्यांग महिला के साथ इस तरह का अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा है और इसमें सख्त कार्रवाई जरूरी है।