16 फरवरी: टी-20 विश्व कप में भारत के खिलाफ मिली हार के बाद पाकिस्तान टीम की रणनीति और प्रदर्शन पर चर्चा तेज हो गई है। मैच के बाद पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने कई कारण गिनाए, जिनके चलते पाकिस्तान को एक बार फिर भारत के खिलाफ शिकस्त झेलनी पड़ी।
पाकिस्तान ने स्पिन गेंदबाजी को ध्यान में रखकर तैयारी की थी, लेकिन भारतीय तेज आक्रमण के सामने बल्लेबाजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या की प्रभावी गेंदबाजी के कारण शुरुआती ओवरों में ही अहम विकेट गिर गए, जिससे टीम दबाव में आ गई।
टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करने का फैसला भी चर्चा में रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि पिच को देखते हुए पहले बल्लेबाजी कर मजबूत स्कोर खड़ा करना बेहतर विकल्प हो सकता था। भारत द्वारा निर्धारित 176 रन का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।
इशान किशन की आक्रामक पारी ने मैच का रुख बदल दिया। उनकी तेज बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया, जिसका दबाव पाकिस्तान पर साफ दिखाई दिया।
लक्ष्य का पीछा करते समय पाकिस्तान की बल्लेबाजी में स्पष्ट योजना की कमी नजर आई। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और टीम 114 रन पर सिमट गई।
अनुभवी खिलाड़ियों से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें खुलकर खेलने का अवसर नहीं दिया। साथ ही बड़े मुकाबले का मानसिक दबाव भी टीम के प्रदर्शन पर प्रभाव डालता दिखा।
इस हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में आत्ममंथन की चर्चा है, जबकि भारत ने संतुलित प्रदर्शन के दम पर जीत दर्ज की।