31 जनवरी ऊना: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने ऊना में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार जनहित से पूरी तरह भटक चुकी है और इसके फैसले आम जनता के खिलाफ जा रहे हैं। बीते साढ़े तीन वर्षों में प्रदेशवासियों को केवल महंगाई, टैक्स और सुविधाओं में कटौती ही मिली है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही पंजीकरण शुल्क बढ़ाया, डीजल पर वैट में इजाफा किया और परिवहन व्यवस्था को महंगा कर दिया। एचआरटीसी बस किरायों में भारी बढ़ोतरी कर दी गई, जबकि यात्रियों को मिलने वाली रियायतें खत्म कर दी गईं। डिपुओं में मिलने वाला राशन या तो बंद कर दिया गया या फिर उसकी कीमतें बढ़ा दी गईं। इसके अलावा बिजली दरों में वृद्धि कर जनता की आर्थिक कमर तोड़ दी गई।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अब सरकार ने गरीबों की जीवनरेखा मानी जाने वाली बीपीएल श्रेणी को ही निशाने पर ले लिया है। बिना पंचायतों की सहमति और ग्राम सभाओं में व्यापक चर्चा किए बीपीएल सूची में बड़े पैमाने पर कटौती कर दी गई। उन्होंने कहा कि सरकार भले ही बीपीएल समाप्त न करने का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि हालिया नियमों के चलते लगभग 90 प्रतिशत पात्र परिवार सूची से बाहर हो चुके हैं।
डॉ. बिंदल ने बीपीएल चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी परिवार में 27 वर्ष या उससे अधिक उम्र का पुरुष सदस्य है, तो उसे स्वतः अपात्र मान लेना गरीबों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि सरकार आंकड़ों में गरीबी खत्म करने के लिए गरीबों को ही सूची से बाहर कर रही है। यही कारण है कि यह नीति ‘गरीबी हटाओ’ नहीं, बल्कि ‘गरीब हटाओ’ की सोच को दर्शाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में सरकारी भवन खाली पड़े हैं, जबकि गरीब लोग निजी मकानों में रहकर शोषण झेलने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा असर अनुसूचित वर्गों पर पड़ रहा है, जिनके साथ लगातार अन्याय हो रहा है।
प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर निशाना साधते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि सरकार के भीतर ही भारी अस्थिरता है। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्री सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, जिससे प्रशासन पंगु हो गया है। विकास कार्य ठप हैं, संस्थान बंद हो रहे हैं और सड़कों की हालत बद से बदतर है। आपदा प्रभावित लोग राहत की प्रतीक्षा में हैं, जबकि सरकार आपसी खींचतान में उलझी हुई है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार अब जनता के लिए समाधान नहीं, बल्कि स्वयं एक बड़ी समस्या बन चुकी है और मौजूदा हालात में यह सरकार अपने ही फैसलों के बोझ तले दबती नजर आ रही है।