बसों में 50 फीसदी सवारियां बैठाने की शर्त हटी:छह दिन के कार्य दिवस भी बहाल

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आवाज़ ए हिमाचल

ब्यूरो,शिमला
05 जनवरी।हिमाचल प्रदेश के जयराम मंत्रिमंडल के रात्रि कर्फ्यू खत्म करने के फैसले के साथ ही प्रदेश के राज्य आपदा प्रबंधन सेल ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश में मंडी, शिमला, कुल्लू और कांगड़ा में रात्रि कर्फ्यू खत्म करने के साथ ही अंतरराज्यीय व अंतर जिला बसों के संचालन में भी 50 फीसदी सवारियों बैठाने की शर्त को हटा दिया गया है। अब सरकारी बसों में शत प्रतिशत सीटों पर सवारियों को बैठाकर संचालित किया जा सकेगा।

वहीं, चुनावी प्रशिक्षण व प्रक्रियाओं को संचालित करने के लिए राज्य चुनाव आयोग के आग्रह पर एक स्थान पर 50 से ज्यादा लोगों के न जुटने के आदेश से छूट दी गई है। हालांकि यह छूट सिर्फ चुनावी कार्यक्रमों के लिए लागू रहेगी। सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों को भी 50 फीसदी क्षमता के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए क्लास संचालित करने की अनुमति दे दी गई है। सभी फैसले अगले आदेश तक समूचे हिमाचल में लागू रहेंगे।
प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में पहले की तरह छह दिन के कार्य दिवस भी बहाल कर दिए गए हैं।

राज्य चुनाव आयोग के आग्रह पर आंतरिक बैठकों में 50 से अधिक लोगों को अनुमति नहीं देने की शर्त में भी छूट दी गई है। इससे पंचायती राज चुनावों से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रभावी तरीके से चलाने में मदद मिलेगी। हालांकि, अन्य आयोजनों और राजनीतिक समारोहों में कोई छूट नहीं दी गई है। बैठक में कोचिंग कक्षाओं को भी 50 प्रतिशत क्षमता के साथ शुरू करने की अनुमति दी गई है।


इसके लिए राज्य शिक्षा विभाग की ओर से मानक संचालन प्रक्रिया जारी की जाएगी। बैठक में पशुपालन विभाग ने बर्ड फ्लू पर प्रस्तुति दी। मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य और पशुपालन विभागों को उचित दवाओं और कर्मचारियों के लिए पीपीई किट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। जिला कांगड़ा के उपायुक्त की ओर से आवागमन के लिए लगाए गए प्रतिबंधों की भी सख्ती से अनुपालना करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रिमंडल ने राज्य में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, हिम केयर योजना और राजकीय चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए निजी अस्पतालों के पंजीकरण के लिए सिंगल विंडो मनोनयन शुरू करने को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा बागवानी विभाग ने मार्च 2021 तक छह माह के लक्ष्यों और अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक के लक्ष्यों पर प्रस्तुति दी।

* आउटसोर्स से होगी नर्सों की भर्ती

कोरोना के चलते मंत्रिमंडल ने आईजीएमसी शिमला, सीएचसी नालागढ़ और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में मेकशिफ्ट अस्पतालों को कार्यशील बनाने का फैसला लिया है। इसके लिए वार्ड सिस्टर, स्टाफ नर्सों और चतुर्थ श्रेणी को कुछ समय के लिए आउटसोर्स पर भर्ती किया जाएगा। चिकित्सा अधिकारियों को वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से रखा जाएगा।
मंत्रिमंडल ने कोरोना वैक्सीन के प्रयोग को अनुमति देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करने के लिए प्रस्ताव पारित किया। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत वैक्सीन के उत्पादन के लिए देश के वैज्ञानिकों का भी आभार जताया गया। मंत्रिमंडल ने अमेरिका की डाटा फर्म मॉर्निंग कंसल्ट की ओर से देश में कोविड-19 महामारी को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया भर में सर्वश्रेष्ठ और सबसे लोकप्रिय राजनेता आंके जाने पर भी बधाई दी है।

राज्य निर्वाचन आयोग के आग्रह पर मंत्रिमंडल ने आंतरिक बैठकों में 50 से अधिक लोगों को अनुमति नहीं देने की शर्त में छूट देने का निर्णय लिया है। इससे हिमाचल में पंचायत चुनाव के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण देना राज्य चुनाव आयोग के लिए काफी आसान होगा। प्रदेश में 21,764 बूथों में चुनाव कराने को कर्मचारी प्रशिक्षित करने हैं। एक बार में कम से कम 200 लोगों को चुनाव का प्रशिक्षण देना होगा।
इस दौरान सरकार और स्वास्थ्य विभाग के कोविड 19 के दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन भी करना होगा।
राज्य चुनाव आयोग के पास कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के लिए काफी कम समय बचा है। प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए एक स्थान में पचास लोगों से अधिक की भीड़ जुटाने पर रोक लगा रखी थी। ऐसी स्थिति में चुनाव प्रशिक्षण को तय समय के भीतर देना चुनाव आयोग के लिए चुनौती बना था।

 

 

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