23 जनवरी: बसंत पंचमी के दिन सिरमौर जिले में मौसम ने अचानक करवट ली। करीब साढ़े तीन महीने बाद क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे लंबे समय से चला आ रहा सूखा दौर टूट गया है। इस बदलाव से किसानों और बागवानों ने राहत की सांस ली है।
सुबह करीब चार बजे से ऊंचाई वाले इलाकों में तेज हवाओं के साथ बर्फबारी शुरू हुई, जबकि निचले क्षेत्रों में झमाझम बारिश होती रही। अचानक बदले मौसम के कारण ठंड बढ़ गई है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
हरिपूरधार, नौहराधार, हाब्बन, ठारू देवठी, बनालीधार सहित ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी हुई, वहीं निचले इलाकों में हुई बारिश से सेब, नाशपाती, आडू, प्लम सहित बागवानी फसलों को संजीवनी मिली है। लंबे समय से नमी की कमी के कारण फसलों पर मंडरा रहा संकट फिलहाल टलता नजर आ रहा है।
बारिश-बर्फबारी से लहसुन, गेहूं, जौ, मटर, आलू और सरसों जैसी रबी फसलों को भी फायदा पहुंचा है। सूखे के चलते खेतों में आई गिरावट के बाद अब दोबारा हरियाली लौटने की उम्मीद जगी है।
मौसम खराब होने के चलते कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। वहीं राजगढ़–हाब्बन मार्ग पर हाब्बन पालू और राजगढ़–नौहराधार सड़क पर चुरवाधार के पास बर्फ के कारण वाहन फिसलने की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अति आवश्यक होने पर ही यात्रा करें और फिसलन वाले मार्गों से बचें।
बसंत पंचमी पर मिली इस प्राकृतिक सौगात से किसानों और बागवानों के चेहरे खिले हुए हैं और आने वाले कृषि सीजन को लेकर उम्मीदें मजबूत हुई हैं।