16 फरवरी: विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राजस्व घाटा अनुदान (RDG) को लेकर चल रही चर्चा के बीच सोमवार को एक अहम घटनाक्रम सामने आया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 2 बजे राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को अभिभाषण देना था, लेकिन उन्होंने सरकार द्वारा तैयार किए गए अभिभाषण को पूरा नहीं पढ़ा।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि अभिभाषण के पैरा 7 से 16 तक उल्लिखित राजस्व घाटा अनुदान से संबंधित अंश को वे संवैधानिक मर्यादा के तहत नहीं पढ़ सकते। इसके बाद उन्होंने पैरा 17 से आगे के भाग का संक्षिप्त उल्लेख करते हुए विधायकों को उसे पढ़ने की सलाह दी।
राज्यपाल ने विधानसभा और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए लगभग दो मिनट में अपना संबोधन समाप्त कर दिया। इसके उपरांत स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन की कार्यवाही 2:45 बजे तक स्थगित कर दी।
गौरतलब है कि इसी सत्र के दौरान राजस्व घाटा अनुदान को पुनः बहाल करने के संबंध में संकल्प प्रस्ताव भी लाया जाना प्रस्तावित है। इस घटनाक्रम के बाद सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।