19 मार्च: प्रदेश पैंशनर्ज संयुक्त संघर्ष समिति ने सरकार द्वारा सलाहकारों व बोर्ड-निगम पदाधिकारियों की सुविधाओं में कटौती के फैसले का स्वागत किया है, लेकिन इसे देर से उठाया गया कदम बताया है।
समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने कहा कि इन नियुक्तियों से सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ा और अब सरकार को और सख्त आर्थिक फैसले लेने चाहिए। उन्होंने मांग की कि ऐसे पदों को समाप्त किया जाए और जनप्रतिनिधियों को वेतन-भत्तों की जगह केवल मानदेय दिया जाए।
समिति ने 21 मार्च को पेश होने वाले बजट में पैंशनरों की लंबित देनदारियों (एरियर और डीए) के लिए प्रावधान करने की मांग भी उठाई है।
सुरेश ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मांगों पर कार्रवाई नहीं की, तो 30 मार्च को शिमला में बड़ा प्रदर्शन कर विधानसभा का घेराव किया जाएगा।