10 अप्रैल: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जेओए (आईटी) पेपर लीक मामले में निलंबित उमा आजाद के खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाई को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने राज्य चयन आयोग को 30 अगस्त 2026 तक जांच प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास करने को कहा है।
न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने उमा आजाद द्वारा दायर याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश पारित किए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय सीमा तक कार्रवाई पूरी नहीं होती है, तो याचिकाकर्ता अपने निलंबन के खिलाफ दोबारा अदालत का रुख कर सकती हैं।
साथ ही चयन आयोग को यह भी छूट दी गई है कि यदि किसी अपरिहार्य कारण से जांच पूरी नहीं हो पाती, तो वह अदालत से अतिरिक्त समय की मांग कर सकता है।
याचिकाकर्ता ने अपने निलंबन को मनमाना और अवैध बताते हुए इसे सभी लाभों सहित रद्द करने की मांग की थी। कोर्ट ने मामले में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।