18 फरवरी, अभिषेक मिश्रा: चंबा जिले की पांगी घाटी में प्रस्तावित 33 केवी विद्युत लाइन परियोजना को लेकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। पांगी-भरमौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. जनक राज ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर परियोजना में कथित अनियमितताओं और लापरवाही की उच्च स्तरीय एवं स्वतंत्र जांच की मांग की है।
विधायक ने अपने पत्र में कहा है कि परियोजना में आवश्यक वन स्वीकृति (फॉरेस्ट क्लीयरेंस) प्राप्त किए बिना कार्य आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया, जिसके कारण बीच में ही काम रुक गया। इससे न केवल सरकारी धन और समय की बर्बादी हुई, बल्कि क्षेत्र की जनता को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विभागों के बीच समुचित समन्वय के अभाव और नियमों की अनदेखी के कारण परियोजना अटक गई। विधायक के अनुसार, यदि विभिन्न मदों के तहत वित्तीय स्वीकृतियां पहले ही मिल चुकी थीं, तो परियोजना को नियमों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूरा करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी थी।
पत्र में विधायक ने चार प्रमुख मांगें रखी हैं —
- पूरे मामले की उच्च स्तरीय और स्वतंत्र जांच
- लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई
- परियोजना को प्राथमिकता देकर शीघ्र पूरा करना
- देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की सार्वजनिक रूप से जवाबदेही तय करना
विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे इसे विधानसभा सहित अन्य मंचों पर भी उठाएंगे।
फिलहाल इस पत्र के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और सरकार की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।