05 फरवरी: जिला सिरमौर के नाहन में पकड़ी गई उज्बेकिस्तान की युवती का मामला अब फर्जी दस्तावेजों से आगे बढ़कर अवैध घुसपैठ से जुड़ा गंभीर प्रकरण बन गया है। प्रारंभिक जांच में दिल्ली से फर्जी आधार कार्ड बनवाने का खुलासा हुआ था, जबकि अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि युवती के पास भारत में प्रवेश के लिए कोई वैध वीजा नहीं था।
पुलिस के अनुसार युवती ने पहले नेपाल का वीजा लेकर नेपाल प्रवेश किया और वहां से गैरकानूनी तरीके से भारत में दाखिल हुई। इसके बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से फर्जी आधार कार्ड बनवाया गया। हालांकि अब तक की जांच में युवती के किसी आपराधिक या राष्ट्र-विरोधी गतिविधि में शामिल होने के प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिले हैं, फिर भी सुरक्षा एजेंसियां मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही हैं। जांच के दौरान युवती का पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत ने युवती को 18 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि भारत में अवैध रूप से रहने की उसकी मंशा क्या थी, वह किन लोगों के संपर्क में थी और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में किस-किस ने उसकी मदद की। आवश्यकता पड़ने पर उज्बेकिस्तान दूतावास से संपर्क किए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच में सामने आया है कि युवती ने नेपाल सीमा के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया। उन्होंने कहा कि पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच की जा रही है, ताकि इस अवैध घुसपैठ के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।