31 जनवरी : हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ में 1 जनवरी को पुलिस थाना परिसर के समीप हुए आईईडी ब्लास्ट मामले का खुलासा कर दिया गया है। बद्दी पुलिस ने पंजाब पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस सनसनीखेज मामले में पंजाब से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस घटना के तार पाकिस्तान और विदेशों में बैठे हैंडलर्स से जुड़े हुए हैं।
बद्दी के पुलिस अधीक्षक विनोद धीमान ने नालागढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मामले की विस्तृत जानकारी साझा की। इस दौरान डीएसपी भीष्म ठाकुर और थाना प्रभारी राकेश रॉय भी मौजूद रहे। एसपी ने बताया कि जांच के दौरान अंतरराष्ट्रीय साजिश से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि पाकिस्तान में बैठे कुख्यात पैडलर हरविंद्र सिंह रिंदा और एक विदेशी हैंडलर सुशांत चोपड़ा इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। हिमाचल और पंजाब पुलिस केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से यह पता लगाने में जुटी है कि धमाके के पीछे इन तत्वों की वास्तविक मंशा क्या थी।
पुलिस के अनुसार पंजाब के नवांशहर जिले के राहों क्षेत्र से शमशेर सिंह उर्फ शेरू और प्रदीप सिंह उर्फ दीपू को गिरफ्तार किया गया है। जांच में खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी आईईडी की सप्लाई से जुड़े हुए थे। फिलहाल दोनों राज्यों में सक्रिय संदिग्धों की सूची का मिलान कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
एसपी विनोद धीमान ने बताया कि दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए नालागढ़ लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए अदालत में ट्रांजिट रिमांड की अर्जी दाखिल की जा चुकी है। आरोपियों से पूछताछ के बाद यह स्पष्ट किया जाएगा कि उन्होंने यह कृत्य किसके निर्देश पर अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी संभव है।
वहीं, ब्लास्ट के बाद कुछ संगठनों द्वारा ड्रग्स से जुड़े लेनदेन को घटना की वजह बताए जाने के दावों को पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया है। एसपी ने स्पष्ट किया कि हिमाचल पुलिस मादक पदार्थों से जुड़े मामलों पर पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है और पंजाब पुलिस के साथ नियमित समन्वय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इस धमाके का ड्रग्स तस्करी से कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है।