28 मार्च: सोलन जिला के नालागढ़ में जमीन से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। आरोप है कि एक कॉलोनाइजर ने जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) और फर्जी एफिडैविट का इस्तेमाल कर एक मृत व्यक्ति की जमीन को बेच डाला। मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
यह मामला सनेड़ गांव में विकसित की जा रही एक निजी कॉलोनी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता अनिल कुमार के अनुसार, कॉलोनाइजर ने पहले स्थानीय जमीन मालिकों से जमीन खरीदकर उनके नाम पर GPA ले ली थी। लेकिन संबंधित भूमि मालिक की मौत 22 अक्तूबर 2024 को हो चुकी थी, इसके बावजूद आरोपी ने उसी GPA के आधार पर कई रजिस्ट्रियां करवा दीं।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि हर रजिस्ट्री के दौरान आरोपी ने फर्जी हलफनामे दिए, जिनमें झूठा दावा किया गया कि जमीन मालिक जीवित है और GPA वैध है। इन दस्तावेजों के सहारे जमीन की खरीद-फरोख्त लगातार जारी रखी गई।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलोनी प्रोजेक्ट के लिए RERA की अनिवार्य मंजूरी नहीं ली गई और मंजूर नक्शे में भी बाद में अवैध बदलाव किए गए। इतना ही नहीं, पूरे मामले को उजागर करने के बाद उन्हें धमकियां मिलने की भी बात कही गई है।
वहीं, आरोपी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए खुद को निर्दोष बताया है। एएसपी बद्दी अशोक वर्मा ने पुष्टि की है कि शिकायत के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच शुरू कर दी गई है और सच्चाई सामने लाने के लिए सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।