29 जनवरी: हिमाचल प्रदेश सरकार ने नगर निकायों के सुचारु संचालन के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सरकार ने उपमंडल अधिकारियों (SDM) को एक लाख से लेकर पांच लाख रुपये तक के विकास और आवश्यक कार्य स्वीकृत करवा सकने के अधिकार प्रदान किए हैं। यह व्यवस्था आगामी आदेशों तक लागू रहेगी।
सरकार द्वारा यह कदम नगर निकायों में प्रशासकीय व्यवस्था के दौरान कार्यों में देरी रोकने और जनता से जुड़े जरूरी काम समय पर पूरे करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
प्रदेश के विभिन्न नगर निकायों में प्रशासक नियुक्त किए गए हैं, जिनमें बिलासपुर, श्रीनयना देवी, घुमारवीं, तलाई, चंबा, डलहौजी, चुवाड़ी, सुजानपुर टिहरा, नादौन, भोटा, कांगड़ा, नूरपुर, नगरोटा बगवां, देहरा, ज्वालामुखी, बैजनाथ-पपरोला, जवाली, शाहपुर, कुल्लू, मनाली, भुंतर, बंजार, सुंदरनगर, सरकाघाट, जोगिंद्रनगर, नेरचौक, रिवालसर, करसोग, रोहड़ू, रामपुर, ठियोग, सुन्नी, नारकंडा, चौपाल, कोटखाई, जुब्बल, नाहन, पांवटा साहिब, राजगढ़, नालागढ़, परवाणु, अर्की, संतोसगढ़, मैहतपुर-बसदेहरा, दौलतपुर चौक, गगरेट और टाहलीवाल शामिल हैं।
सरकार का मानना है कि इस निर्णय से नगर निकायों में विकास कार्यों की रफ्तार बनी रहेगी और स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे।