29 जनवरी: धर्मशाला में छात्रा की संदिग्ध मौत को लेकर चल रही जांच में पुलिस ने अगला बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। मामले में नामजद आरोपी प्रोफेसर का नार्को टेस्ट करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एसपी कांगड़ा अशोक रत्न के अनुसार, पुलिस कोर्ट से अनुमति लेने के बाद आरोपी को शिमला ले जाकर जुन्गा स्थित राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में नार्को टेस्ट करवाएगी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले से जुड़े मेडिकल पहलुओं और डिजिटल साक्ष्यों की जांच अभी जारी है। फोरेंसिक लैब में भेजे गए कुछ मोबाइल फोनों की रिपोर्ट आना बाकी है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि इन डिजिटल डिवाइस से ऐसे तथ्य सामने आ सकते हैं, जो मामले की कई कड़ियों को जोड़ने में मददगार साबित होंगे।
नार्को टेस्ट ऐसी प्रक्रिया होती है, जिसमें व्यक्ति से जानकारी हासिल करने का प्रयास किया जाता है, खासकर तब जब वह स्वेच्छा से तथ्य साझा नहीं करता या जांच में सहयोग नहीं कर रहा होता। इस तकनीक के जरिए जांच को सही दिशा देने की कोशिश की जाती है।
गौरतलब है कि 26 दिसंबर को धर्मशाला की 19 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। इसके बाद 31 दिसंबर और 1 जनवरी को सामने आए वीडियो ने मामले को गंभीर बना दिया। जांच के दौरान धर्मशाला कॉलेज की चार छात्राओं के खिलाफ रैगिंग और मारपीट, जबकि एक प्रोफेसर पर शारीरिक उत्पीड़न के आरोप दर्ज किए गए। इस मामले को यूजीसी, महिला आयोग और राज्य शिक्षा निदेशालय ने भी गंभीरता से लिया है। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी गई है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।