दुर्गम बोह घाटी से राष्ट्रीय उपलब्धि: पटवारी संतोष जरयाल बने UGC-NET JRF क्वालिफाइड, क्षेत्र में जश्न

11 फरवरी तरसेम जरयाल: बोह घाटी की दुर्गम पहाड़ियों और सीमित संसाधनों के बीच पले-बढ़े ग्राम पंचायत रुलहेड के मोरछ गांव के होनहार युवा संतोष जरयाल ने अपनी कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प से एक नई मिसाल कायम की है। वर्तमान में चंबा जिला के बंदोबस्त विभाग में पटवारी के पद पर कार्यरत संतोष ने अपने प्रथम प्रयास में ही प्रतिष्ठित UGC-NET JRF परीक्षा (राजनीति विज्ञान विषय) उत्तीर्ण कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि संतोष ने नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ इस कठिन परीक्षा की तैयारी की और सफलता अर्जित की।

संतोष की सफलता के पीछे संघर्ष और आत्मबल की प्रेरक कहानी छिपी है। पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके और बड़े भाई सुशील के कंधों पर आ गई। एक भाई और एक बहन के साथ परिवार का संबल बनते हुए उन्होंने पढ़ाई और नौकरी के बीच संतुलन बनाए रखा।

संतोष ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा 12वीं तक बोह के विद्यालय से प्राप्त की और इसके बाद डिग्री कॉलेज धर्मशाला से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। दुर्गम क्षेत्र, कठिन मौसम और सीमित संसाधनों जैसी चुनौतियों के बावजूद उनका हौसला कभी कमजोर नहीं पड़ा।

अपनी इस सफलता का श्रेय उन्होंने अपनी माता कांतो देवी और अपने गुरुओं को दिया है, जिनके आशीर्वाद और मार्गदर्शन ने उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

आज संतोष जरयाल की इस उपलब्धि पर मोरछ गांव, बोह घाटी और समूचा धारकंडी क्षेत्र गर्व महसूस कर रहा है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि मजबूत इरादों और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

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