27 जनवरी: दुनिया की कुछ गुफाएं सिर्फ चट्टानों और अंधेरे का संसार नहीं हैं, बल्कि वे अपने भीतर मानव इतिहास, कला और सभ्यता के सबसे पुराने रहस्यों को संजोए हुए हैं। इन गुफाओं में कदम रखते ही ऐसा महसूस होता है मानो समय हजारों-लाखों साल पीछे चला गया हो।
सन डूंग गुफा, वियतनाम
वियतनाम के फोंगन्हा-के बांग नेशनल पार्क (यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल) में स्थित सन डूंग गुफा को पृथ्वी की सबसे विशाल प्राकृतिक गुफा माना जाता है। लगभग 30 लाख साल पुरानी यह गुफा इतनी विशाल है कि इसके भीतर बादल बनते हैं और अलग ही जलवायु पाई जाती है।
1991 में एक स्थानीय किसान द्वारा खोजी गई इस गुफा का वैज्ञानिक सर्वे वर्ष 2009 में ब्रिटिश केव रिसर्च एसोसिएशन ने किया। करीब 9 किलोमीटर लंबी, 150 मीटर चौड़ी और कई जगहों पर 200 मीटर ऊंची यह गुफा इतनी बड़ी है कि इसके अंदर 40 मंजिला इमारत या बोइंग-747 विमान भी समा सकता है।
लेआंग करम्प्युंग गुफा, इंडोनेशिया
इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप स्थित यह गुफा दुनिया की सबसे पुरानी गुफा चित्रकला के लिए जानी जाती है। 2024 में हुए शोध में यहां 51,200 साल पुरानी पेंटिंग मिली, जिसमें एक जंगली सूअर और इंसानों जैसी आकृतियां दिखाई देती हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार यह प्रमाण है कि इंसान 50 हजार साल से भी पहले कहानी कहने की क्षमता रखता था। पेंटिंग की उम्र जानने के लिए लेजर आधारित यूरेनियम सीरीज तकनीक का प्रयोग किया गया।
माल्ट्राविएसो गुफा, स्पेन
स्पेन की इस गुफा में मिले 64,000 साल पुराने लाल हाथों के स्टैंसिल इतिहास की बड़ी मान्यताओं को चुनौती देते हैं। ये यूरोप में आधुनिक मानव के आने से भी पुराने हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि निएंडरथल भी प्रतीकात्मक कला बनाने में सक्षम थे।
थेलम गुफा, दक्षिण अफ्रीका
दक्षिण अफ्रीका की थेलम गुफा मानव उपयोग के लिहाज से सबसे प्राचीन स्थलों में से एक मानी जाती है। पुरातात्विक साक्ष्यों के अनुसार यहां लगभग 20 लाख साल पहले मानव पूर्वज रहते थे। गुफा के भीतर होमो हैबिलिस से जुड़े पत्थर के औजार और 10 लाख साल पहले आग के नियंत्रित इस्तेमाल के प्रमाण भी मिले हैं।
भीमबेटका गुफाएं, भारत
मध्य प्रदेश स्थित भीमबेटका रॉक शेल्टर भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए ऐतिहासिक धरोहर हैं। यहां मौजूद 30,000 साल से अधिक पुरानी पेंटिंग्स में शिकार, नृत्य, जानवरों और दैनिक जीवन के दृश्य उकेरे गए हैं। यह स्थल यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल है।
इन रहस्यमयी गुफाओं से यह साफ होता है कि मानव इतिहास किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि धरती की गहराइयों में आज भी अतीत सांस ले रहा है।