05 फरवरी: कुल्लू जिले के आनी विधानसभा क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध दलाश मंदिर (माई टिलरु) में मध्यरात्रि के दौरान पूजा-अर्चना को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। कथित तौर पर देवआस्था और देवनीति के उल्लंघन को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके बाद थाना आनी में दोनों ओर से मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की हर पहलू से जांच कर रही है।
यह मामला 2 फरवरी की रात का बताया जा रहा है, जबकि दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर एफआईआर 3 फरवरी को दर्ज की गई। पहले मामले में पंकज चौहान की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि देव खेल के दौरान उन पर जोगेश्वर महादेव प्रकट होते हैं और उन्हें देव आदेश प्राप्त हुआ था कि वे माई टिलरु मंदिर में माता की भक्ति में बैठें।
पंकज के अनुसार वह शाम करीब 7:30 बजे मंदिर में भक्ति में लीन थे, जबकि उनके कुछ साथी बाहर प्रतीक्षा कर रहे थे। इसी दौरान करीब 8:15 बजे जंगल की ओर से आए लगभग आठ लोगों ने मंदिर में चल रहे कर्मकांड पर आपत्ति जताई और कथित तौर पर उनके साथियों के साथ मारपीट करते हुए उन्हें बंधक बना लिया। पंकज का दावा है कि वह किसी तरह वहां से निकलने में सफल रहे।
दूसरी ओर, जोगेश्वर महादेव मंदिर कमेटी की ओर से भी थाना आनी में शिकायत दर्ज करवाई गई है। कमेटी के अनुसार 2 फरवरी की रात करीब 8:05 बजे मंदिर परिसर में संदिग्ध रोशनी और गतिविधियां देखी गईं। जब मामले की जांच के लिए मंदिर जाने का प्रयास किया गया, तो रास्ता रोके जाने और धक्का-मुक्की का आरोप लगाया गया।
मंदिर कमेटी का यह भी आरोप है कि इसी दौरान एक व्यक्ति मंदिर से भागता हुआ दिखाई दिया। बाद में निरीक्षण करने पर मंदिर से तांबे की एक पौराणिक मूर्ति के गायब होने तथा परिसर में दराट और देवनीति के विपरीत पूजा सामग्री मिलने की बात सामने आई।
पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं, सीसीटीवी फुटेज तथा गवाहों के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अफवाहों से बचने की अपील की हैं।