आवाज ए हिमाचल
24 मार्च।सीएमओ डा राजेश गुलेरी ने कहा कि टीबी उन्मूलन में मीडिया की सहभागिता अत्यंत जरूरी है, मीडिया के माध्यम से ही लोगों को जागरूक किया जा सकता है। सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा के सभागार में मीडिया सहभागिता सत्र में बतौर मुख्यातिथि डा राजेश गुलेरी ने कहा कि स्वास्थ्य के लिए प्रभावी संचार के महत्व और टीबी मुक्त हिमाचल के मिशन में सभी हितधारकों को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे हिमाचल प्रदेश टीबी उन्मूलन में आगे बढ़ रहा है, यह जरूरी है कि हम न केवल अपनी स्थानीय प्रगति को दिखाएं, बल्कि अपनी उपलब्धियों की तुलना राष्ट्रीय और वैश्विक मानकों से भी करें। मीडिया इस प्रयास में एक अहम भूमिका निभाता है, क्योंकि वह सही और प्रभावी जानकारी लोगों तक पहुंचाकर जागरूकता फैलाने का काम करता है। इसके साथ ही, मीडिया विभिन्न जिम्मेदार व्यक्तियों को उनके कर्तव्यों के प्रति जवाबदेह बनाने और कार्यक्रमों के संदर्भ में जरूरी जानकारी देकर सामूहिक प्रयास को प्रेरित करता है। इससे पहले डॉ राजेश सूद ,जिला क्षय रोग अधिकारी कांगडा ने हिमाचल प्रदेश में टीबी नियंत्रण प्रयासों में विभिन्न हस्तक्षेपों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने टीबी उन्मूलन में बड़ी प्रगति की है, जिसमें केमिस्ट एसोसिएशन, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, मेडिकल कॉलेजों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की सक्रिय भागीदारी अहम रही है। हालांकि, अब भी कुछ चुनौतियां बाकी हैं, जैसे कि मिथकों को दूर करना, कलंक को कम करना, और समुदाय का समर्थन बढ़ाना। डिजिटल अभियानों में मीडिया की भूमिका जागरूकता फैलाने और लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं लेने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. राजेश गुलेरी ने उदाहरण प्रस्तुत करते हुए निक्षय मित्र बनकर थुरल और धर्मशाला क्षेत्र के 20 टीबी मरीजों को गोद लिया।
इस अवसर पर डॉ. प्रदीप नायर प्रोफेसर (न्यू मीडिया) एवं निदेशक अनुसंधान,केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश, धर्मशाला, डॉ. आत्मिका नायर डब्ल्यूएचओ सलाहकार (एनटीईपी), हिमाचल प्रदेश, चिकित्सा अधीक्षक डा अनुराधा सहित विभिन्न मीडिया कर्मी उपस्थित थे।