22 फरवरी: पवित्र तीर्थस्थल ज्वालाजी में भारतीय सेना की सेना शिक्षा कोर (AEC) के पूर्व सैनिकों का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आरंभ हुआ। देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में एईसी वेटरन्स इसमें भाग ले रहे हैं।
उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने सेना शिक्षा कोर की ऐतिहासिक भूमिका और समाज के प्रति पूर्व सैनिकों के योगदान पर प्रकाश डाला। सम्मेलन का उद्देश्य पूर्व सैनिकों के बीच समन्वय को मजबूत करना, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए रणनीति बनाना तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करना है।
एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह वार्षिक अधिवेशन हर वर्ष अलग-अलग राज्यों में आयोजित किया जाता है। युवा वर्ग को जागरूक करने और उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवाओं को “राइजिंग स्टार” के रूप में सम्मानित करने की परंपरा भी जारी है।
पहले दिन आयोजित सत्रों में शिक्षा सुधार, युवाओं के नैतिक व नेतृत्व विकास, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता अभियानों पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने सैन्य अनुशासन और शिक्षण पद्धति को समाजहित में लागू करने के अनुभव साझा किए।
इस अवसर पर सुबेदार योगेश कुमार अत्री, सुबेदार मेजर जसवीर सिंह, सुबेदार मेजर अरुण कुमार, सुबेदार मेजर रामवीर सिंह, सुबेदार सी.आर. परेजा, शेर सिंह राणा, कैप्टन उमेश कुमार सहित अन्य सदस्यों ने अपने विचार साझा किए।
सम्मेलन को पूर्व सैनिकों के पुनर्मिलन के साथ-साथ समाज निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।