अभिषेक मिश्रा 04 फरवरी :
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान जुखाला द्वारा उल्लास कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा खंड झंडूता के स्वयंसेवी शिक्षकों के लिए कलोल में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल शर्मा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर जिला नोडल अधिकारी राकेश ठाकुर ने बताया कि उल्लास कार्यक्रम के तहत असाक्षर वयस्कों को शिक्षित करने में स्वयंसेवी शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए स्वयंसेवी अध्यापक इस अभियान को सफल बनाने में अहम योगदान दे रहे हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत जिला भर में कुल 426 स्वयंसेवी एवं सर्वेयर अध्यापकों को प्रशिक्षित किया गया है।
राकेश ठाकुर ने कार्यक्रम के उद्देश्यों, वयस्क असाक्षरों को पढ़ाने के नए एवं प्रभावी तरीकों तथा शिक्षण के दौरान आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने ‘उल्लास प्रवेशिका’ पुस्तक को गतिविधियों के माध्यम से रोचक तरीके से पढ़ाने की जानकारी भी साझा की और सभी स्वयंसेवी शिक्षकों को पूरी लगन व समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही शिक्षार्थियों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक समझ को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।
मास्टर ट्रेनर ममता कुमारी ने कहा कि साक्षरता अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के सभी शिक्षित वर्ग को आगे आना चाहिए। शत-प्रतिशत साक्षरता लक्ष्य प्राप्त करने में स्वयंसेवी शिक्षकों की भूमिका अहम होगी। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों एवं शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों से भी अपने आसपास के असाक्षर लोगों को साक्षर करने का आह्वान किया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 48 स्वयंसेवी शिक्षक शामिल हुए, जबकि खंड कार्यालय से सुनील और पुष्पा ने भी भाग लिया।