जयराम ठाकुर का हमला: सुक्खू सरकार का अनशन दिखावा, ग्रामीण हितों से कोई लेना-देना नहीं

30 जनवरी: शिमला में जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार के अनशन को राजनीतिक दिखावा करार दिया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत ग्रामीण आजीविका गारंटी के विरोध में किया जा रहा यह अनशन केवल कांग्रेस आलाकमान को खुश करने की कोशिश है, जिसका जनहित से कोई संबंध नहीं है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार का नया कानून पारदर्शिता और भ्रष्टाचार खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम है। डिजिटाइजेशन और बायोमेट्रिक व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और गांवों में विकास तेज़ होगा।

उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर पंचायतों की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर चुनाव रोककर पंचायतों को प्रशासकों के हवाले कर दिया गया, जिससे ग्रामीण विकास ठप पड़ा है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस को गांधी का नाम केवल राजनीति के समय याद आता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन सरकारों ने अपने कार्यकाल में पंचायतों को रोजगार तक नहीं दिया, वे अब किस नैतिकता से रोजगार की बात कर रही हैं।

जयराम ठाकुर ने बताया कि मोदी सरकार ने मनरेगा बजट को ₹33 हजार करोड़ से बढ़ाकर ₹90 हजार करोड़ किया और रोजगार के अवसर दोगुने किए। नई व्यवस्था में 125 दिन के रोजगार, वित्तीय अनुशासन और स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाएं तय होंगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि अनशन में भीड़ जुटाने के लिए प्रशासन का दुरुपयोग किया गया, लेकिन प्रदेश की जनता कांग्रेस की नीतियों से मोहभंग कर चुकी है और विकास विरोधी एजेंडे को नकार चुकी है।

Social Sharing

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *