30 जनवरी: हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मनरेगा को लेकर सुक्खू सरकार के अनशन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे जनहित से दूर सिर्फ राजनीतिक ड्रामा बताते हुए कहा कि कांग्रेस यह सब अपने शीर्ष नेतृत्व को खुश करने के लिए कर रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाई गई नई ग्रामीण रोजगार योजना का उद्देश्य सिस्टम को पारदर्शी बनाना और भ्रष्टाचार पर रोक लगाना है। डिजिटलीकरण और बायोमेट्रिक उपस्थिति से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और गांवों में विकास कार्य तेज़ होंगे।
उन्होंने मुख्यमंत्री सुक्खू पर विरोधाभासी रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ पंचायतों को मजबूत करने की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर पंचायत चुनाव रोककर गांव की सरकार को ही कमजोर कर दिया गया है।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि कांग्रेस को महात्मा गांधी की याद केवल राजनीतिक फायदे के लिए आती है। जब सरकार खुद पिछले महीनों में कई पंचायतों में रोजगार तक नहीं दे पाई, तब रोजगार की बात करना नैतिकता पर सवाल खड़ा करता है।
जयराम ठाकुर ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा के बजट और रोजगार के अवसरों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है और नई व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरत आधारित विकास को बढ़ावा मिलेगा।