“जनता से दूर, वादों से भरपूर: सुक्खू सरकार का बजट सवालों के घेरे में”

आवाज़ ए हिमाचल

21 मार्च 2026/ हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत वित्त वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है, जहां भाजपा ने इस बजट को “हकीकत से कोसों दूर सपनों का दस्तावेज” बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है। राज्यसभा सांसद एवं प्रदेश भाजपा महामंत्री डॉ. सिकंदर कुमार ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट विकास की दिशा तय करने के बजाय सरकार की नाकामियों को आंकड़ों की चादर से ढकने की कोशिश है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जहां प्रदेश को आर्थिक मजबूती की जरूरत थी, वहां बजट का आकार ही सिकुड़कर ₹58,514 करोड़ से घटकर ₹54,928 करोड़ रह जाना सरकार की वित्तीय प्रबंधन क्षमता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार के 5 लाख अवसर और पुरानी पेंशन योजना (OPS) जैसे बड़े वादे अब केवल भाषणों तक सीमित होकर रह गए हैं, जबकि जमीनी हकीकत में युवाओं और कर्मचारियों को निराशा ही हाथ लग रही है। डॉ. सिकंदर ने यह भी कहा कि सरकार लगातार बढ़ते कर्ज के बोझ पर चुप्पी साधे हुए है और राजस्व बढ़ाने के लिए कोई ठोस रणनीति सामने नहीं रख पा रही, उल्टा हर बार केंद्र सरकार पर आरोप मढ़कर अपनी जिम्मेदारियों से बचने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों और खासतौर पर सेब बागवानों के लिए बजट में ठोस राहत का अभाव भी उन्होंने गंभीर चिंता का विषय बताया और कटाक्ष करते हुए कहा कि यह बजट आम जनता के लिए नहीं, बल्कि केवल कागजी संतुलन और राजनीतिक बयानबाजी का साधन बनकर रह गया है। भाजपा ने साफ संकेत दिए हैं कि इस “जनता से दूर और वादों से भरपूर” बजट के खिलाफ विपक्ष अब सदन से लेकर सड़कों तक संघर्ष को और तेज करेगा, ताकि सरकार की नीतियों की असल तस्वीर जनता के सामने लाई जा सके।

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