06 फरवरी :
दलाई लामा की पावन नगरी मैक्लोडगंज में पकड़े गए एक संदिग्ध चीनी नागरिक को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। बिना वैध वीजा के भारत में रह रहे आरोपी लौ वेननियन की गतिविधियों को गंभीर मानते हुए अदालत ने उसकी पुलिस रिमांड दो दिन और बढ़ा दी है। गुरुवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां पुलिस ने उसकी डिजिटल गतिविधियों की गहन जांच की जरूरत बताई।
जांच के दौरान सामने आया है कि आरोपी ने पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क का इस्तेमाल किए बिना केवल इंटरनेट आधारित कॉलिंग ऐप्स के जरिए चीन में संपर्क बनाए रखा था। मोबाइल फोन के फोरेंसिक विश्लेषण में यह स्पष्ट हुआ कि उसने किसी भी सामान्य वॉयस कॉल का उपयोग नहीं किया, जिससे उसकी बातचीत और लोकेशन को ट्रैक करना मुश्किल हो गया।
फिलहाल पुलिस आरोपी के लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से डेटा रिकवर करने में जुटी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह मैक्लोडगंज में किस उद्देश्य से रुका हुआ था और किन लोगों के संपर्क में था।
मामले में अब भवन मालिक की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। जिस मकान में आरोपी ठहरा हुआ था, उसके मालिक से पुलिस ने पूछताछ की है। जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या मकान मालिक को आरोपी के पास वीजा न होने की जानकारी थी या फिर उसने जानबूझकर इस तथ्य को नजरअंदाज किया।
कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक अशोक रत्न ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं कर रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में लगी हैं कि इस मामले के पीछे किसी बड़ी साजिश या जासूसी गतिविधि की संभावना को पूरी तरह खंगाला जा सके।