कैदियों का इलाज करने वाला डॉक्टर खुद बना अंडरट्रायल, चिट्टा केस में बड़ा खुलासा

8 अप्रैल: जिला सिरमौर के नाहन में सामने आए चर्चित चिट्टा मामले में जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जो डॉक्टर पहले केंद्रीय कारागार नाहन में कैदियों का इलाज करता था, वही अब उसी जेल में अंडरट्रायल कैदी बनकर बंद है।

जानकारी के अनुसार आरोपी डॉक्टर आदित्य शर्मा करीब 4-5 वर्षों तक सेंट्रल जेल नाहन में मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात रहा और करीब डेढ़ माह पहले उसका तबादला सीएचसी हरिपुरधार में हुआ था। पुलिस रिमांड के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजते हुए नाहन जेल भेज दिया।

  1. जांच में सामने आया है कि डॉक्टर खुद नशे का आदी था और उसने दो युवकों को हरियाणा के नारायणगढ़ से चिट्टा लाने के लिए भेजा था। पुलिस ने 31 मार्च को अभिमन्यु ठाकुर और भानु गर्ग को 6.68 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था, जिसके बाद इस पूरे मामले की परतें खुलती गईं।

पुलिस को जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि मामला सिर्फ नशा मंगवाने तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है। अब पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल, वित्तीय लेनदेन और अन्य कड़ियों को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है।

नियमों के तहत आरोपी डॉक्टर को 48 घंटे से अधिक हिरासत में रहने के चलते स्वतः निलंबित माना गया है। सीएमओ डॉ. राकेश प्रताप ने पुष्टि की है कि मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है, जबकि एसपी एनएस नेगी ने कहा कि जांच हर पहलू से जारी है।

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