09 फरवरी: केंद्र सरकार द्वारा आरडीजी बंद किए जाने के बाद इसके हिमाचल प्रदेश पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभावों को लेकर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में गंभीर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में करीब दो घंटे चली बैठक में प्रधान सचिव (वित्त) ने आरडीजी समाप्त होने से राज्य की वित्तीय स्थिति पर पड़ने वाले असर का विस्तृत प्रस्तुतीकरण मंत्रिमंडल के समक्ष रखा।
प्रेजेंटेशन के दौरान बताया गया कि आरडीजी बंद होने से राज्य के राजस्व प्रबंधन, विकास योजनाओं और आय-व्यय संतुलन पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। वित्त विभाग ने मंत्रिमंडल को संभावित चुनौतियों से अवगत कराते हुए इससे निपटने के लिए कुछ कड़े लेकिन व्यावहारिक विकल्प भी सुझाए।
इनमें सरकारी व्यय पर नियंत्रण, प्राथमिकता के आधार पर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और अतिरिक्त संसाधन जुटाने जैसे उपाय शामिल हैं। मंत्रिमंडल ने इस विषय को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए आगे की रणनीति तय करने को लेकर गहन विचार-विमर्श किया।