दिल्ली में आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित हिमाचल प्रदेश की झांकी ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा। झांकी में प्रदेश की समृद्ध संस्कृति के साथ-साथ वीर सैनिकों के शौर्य और बलिदान को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया गया।
हिमाचल प्रदेश की इस झांकी में सिरमौर, कुल्लू, चंबा और ऊना जिलों से चयनित लोक कलाकारों ने सहभागिता की। सिरमौर जिले का प्रतिनिधित्व आसरा संस्था के कलाकार सुनील कुमार और किरण कुमारी ने किया, जिन्होंने अपनी प्रस्तुति से न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया।
सुनील कुमार ऑल इंडिया रेडियो के बी-हाई ग्रेड कलाकार हैं और वे आसरा संस्था के माध्यम से देश-विदेश में कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं। दोनों कलाकारों का चयन जिला भाषा अधिकारी कांता नेगी द्वारा किया गया, जिसे भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशालय से अनुमोदन मिला।
हिमाचल प्रदेश की झांकी में राज्य के चार परमवीर चक्र विजेताओं सहित अन्य वीर सैनिकों के साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को जीवंत रूप में दर्शाया गया। झांकी की परिकल्पना भाषा एवं संस्कृति विभाग की निदेशक रीमा कश्यप के निर्देशन में तथा उपनिदेशक बिहारी लाल शर्मा की देखरेख में तैयार की गई।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी सिरमौर जिले के लोक कलाकार गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेते रहे हैं। गत वर्ष आसरा संस्था के कलाकारों ने पहली बार सिरमौर के पारंपरिक ‘सिंहटू नृत्य’ को कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत कर इतिहास रचा था।
कर्तव्य पथ पर सिरमौर के लोक कलाकारों की यह सहभागिता प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर और अधिक सशक्त करने वाली उपलब्धि मानी जा रही है।