23 जनवरी : ईरान ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान ने 800 से ज्यादा कैदियों की फांसी की सजा रद्द कर दी है। ईरान की न्यायपालिका ने इस दावे को पूरी तरह भ्रामक और फर्जी बताते हुए कहा कि ऐसी कोई संख्या कभी मौजूद ही नहीं थी।
ईरान के शीर्ष अभियोजक ने स्पष्ट किया कि यह दावा पूरी तरह झूठा है कि तेहरान ने विरोध प्रदर्शन करने वाले 800 कैदियों की फांसी रोकी है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की ओर से ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
गौरतलब है कि ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान ने 800 से ज्यादा निर्धारित फांसी की सजाओं को रद्द कर दिया है, जिसके लिए उन्होंने ईरान को धन्यवाद भी दिया था। ट्रंप का कहना था कि इस कदम से अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई टल गई। उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या अमेरिका की ‘रेड लाइन’ होगी।
वहीं अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने दावा किया है कि ईरान में सरकार की कार्रवाई के दौरान अब तक 5,002 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 26,800 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। इनमें आम नागरिक, बच्चे, प्रदर्शनकारी और सुरक्षाकर्मी शामिल बताए गए हैं।
इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पर कोई हमला हुआ, तो इसे पूरे ईरानी राष्ट्र के खिलाफ युद्ध माना जाएगा। उन्होंने ईरान की आर्थिक स्थिति के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को जिम्मेदार ठहराया।