14 फरवरी: रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरडीजी) को लेकर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भाजपा के बहिष्कार के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के हित की इस लड़ाई को सरकार हर स्तर पर लड़ेगी। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि हिमाचल के अधिकारों का प्रश्न है और इसे “युद्ध स्तर” पर लड़ा जाएगा।
सीएम ने बताया कि पूर्व भाजपा सरकार को अपने कार्यकाल में 54,000 करोड़ रुपये राजस्व घाटा अनुदान और 16,000 करोड़ रुपये जीएसटी मुआवजा मिला था, जबकि वर्तमान सरकार को अब तक केवल 17,000 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि बैठक में भाजपा ने आरडीजी पर स्पष्ट रुख नहीं अपनाया और बहाना बनाकर बाहर चली गई। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश हित की बात आती है तो सभी दलों को एकजुट होना चाहिए। माकपा, आम आदमी पार्टी और बसपा ने बैठक में सकारात्मक सहयोग दिया।
सीएम ने भाजपा से सवाल किया कि वह आरडीजी के मुद्दे पर सरकार के साथ है या नहीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश हित सर्वोपरि होना चाहिए और इस विषय पर राजनीति से ऊपर उठकर निर्णय लेने की जरूरत