09 फरवरी: केंद्र सरकार द्वारा रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरडीजी) बंद किए जाने के फैसले को लेकर हिमाचल प्रदेश में चल रही चर्चाओं के बीच लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो संदेश के माध्यम से प्रदेशवासियों को भरोसा दिलाया है कि सरकार इस चुनौती के आगे झुकने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि आरडीजी बंद होने से राज्य की वित्तीय स्थिति पर असर पड़ेगा और इसका प्रभाव विकास कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य व बुनियादी सुविधाओं पर भी पड़ सकता है।
विक्रमादित्य सिंह ने अपने संदेश में कहा कि यह संकट किसी एक सरकार या राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल के भविष्य से जुड़ा हुआ विषय है। यह कर्मचारियों और पेंशनरों की सुरक्षा, किसानों-मजदूरों की आजीविका, युवाओं के रोजगार और बच्चों की शिक्षा से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि कठिन समय वही होता है जब मजबूत इच्छाशक्ति और सकारात्मक नेतृत्व नई राह दिखाता है।
लोक निर्माण मंत्री ने स्पष्ट किया कि हिमाचल एक पहाड़ी और आपदा प्रभावित राज्य है, इसलिए विशेष आर्थिक सहयोग उसका अधिकार है, कोई अनुग्रह नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से केंद्र सरकार के समक्ष हिमाचल का पक्ष मजबूती से रखेगी और राज्य के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सरकार अपने संसाधनों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। जलविद्युत, पर्यटन, बागवानी और सेवा क्षेत्रों को सशक्त किया जाएगा, साथ ही नई राजस्व संभावनाओं पर भी फोकस रहेगा। इसके साथ-साथ फिजूलखर्ची पर सख्त नियंत्रण रखते हुए हर रुपए का उपयोग जनहित में किया जाएगा।
अपने वीडियो संदेश में विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वह आज एक मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि हिमाचल के एक युवा के रूप में जनता से संवाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल ने हमेशा सीमित संसाधनों के बावजूद तरक्की की है और आगे भी यह संघर्ष से निकलकर मजबूती के साथ उभरेगा।
उन्होंने कहा कि यह मुद्दा कांग्रेस या भाजपा का नहीं, बल्कि 75 लाख हिमाचलवासियों का साझा विषय है। सभी राजनीतिक दलों, बुद्धिजीवियों और आम जनता को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा। अंत में उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रांतियों से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार पूरी गंभीरता और दृढ़ संकल्प के साथ इस चुनौती का सामना कर रही है और हिमाचल की यह लड़ाई निश्चित रूप से जीती जाएगी।