भाजपा प्रदेश के वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक जमवाल ने बिलासपुर स्थित रजिस्ट्रेशन एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) कार्यालय में सामने आए वाहन पंजीकरण घोटाले को लेकर कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली क्राइम ब्रांच की कार्रवाई और हिमाचल के एक कर्मचारी की गिरफ्तारी ने कांग्रेस शासन में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है, जिससे पूरे देश में प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचा है।
त्रिलोक जमवाल ने कहा कि यह मामला किसी एक कर्मचारी की लापरवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि एक संगठित और सुनियोजित घोटाले की ओर इशारा करता है। आरोप है कि सेकेंड और थर्ड हैंड वाहनों को फर्स्ट हैंड दर्शाकर पंजीकरण किया गया, नियमों को दरकिनार करते हुए वीआईपी और फैंसी नंबर आवंटित किए गए और इसके बदले अवैध वसूली की गई।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में चोरी की घटनाओं में इस्तेमाल किए गए वाहन का बिलासपुर आरएलए से पंजीकृत पाया जाना बेहद गंभीर विषय है, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गिरफ्तार कर्मचारी लंबे समय तक आरएलए बिलासपुर में डीलिंग हैंड के रूप में तैनात रहा, ऐसे में यह मानना गलत होगा कि इतना बड़ा फर्जीवाड़ा केवल एक व्यक्ति के स्तर पर संभव है।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस सरकार से सवाल करते हुए कहा कि जब इतने बड़े पैमाने पर नियमों की अनदेखी हो रही थी, तब राज्य सरकार, परिवहन विभाग और राजनीतिक नेतृत्व की क्या भूमिका थी। उन्होंने मांग की कि मामले की उच्च स्तरीय, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराई जाए, ताकि घोटाले में शामिल सभी जिम्मेदार लोगों को बेनकाब किया जा सके।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा इस मुद्दे को सड़क से सदन तक पूरी मजबूती से उठाएगी।