31 जनवरी: देश की आर्थिक नीतियों की दिशा तय करने वाला आम बजट 2026 अब बस एक कदम दूर है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को संसद में अपना लगातार नौवां आम बजट पेश करेंगी, जिसके साथ वह भारतीय संसदीय इतिहास में एक नया रिकॉर्ड भी कायम करेंगी। वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, महंगाई और विकास दर जैसी चुनौतियों के बीच आने वाला यह बजट सभी राज्यों के लिए खास माना जा रहा है, वहीं हिमाचल प्रदेश की उम्मीदें भी इससे जुड़ी हुई हैं।
बजट से पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर हिमाचल से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती से उठाया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की आर्थिक स्थिति और पहाड़ी राज्यों की विशेष जरूरतों को सामने रखते हुए केंद्र सरकार के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखीं।
हिमाचल को क्यों है बजट से खास उम्मीद
राज्य के लिए स्थिति इसलिए भी अहम बनी हुई है क्योंकि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें अभी सार्वजनिक नहीं हुई हैं। हालांकि आयोग की रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपी जा चुकी है और फिलहाल वित्त मंत्रालय के पास विचाराधीन है। ऐसे में आम बजट 2026 को हिमाचल प्रदेश के लिए वित्तीय राहत का एक बड़ा अवसर माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पहाड़ी राज्यों के लिए अलग व्यवस्था करने पर जोर दिया है।
ये चार मांगें रखीं सीएम सुक्खू ने
मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्र सरकार से राजस्व घाटा अनुदान को कम से कम 10 हजार करोड़ रुपये प्रतिवर्ष तय करने की मांग की है, ताकि राज्य पर बढ़ते आर्थिक दबाव को कम किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने पहाड़ी राज्यों के लिए अलग से ‘ग्रीन फंड’ गठित करने का प्रस्ताव रखा, जिसमें हर साल 50 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान हो और इससे पर्यावरण संरक्षण व सतत विकास से जुड़े कार्यों को गति मिल सके।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राज्य को सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) का अतिरिक्त दो प्रतिशत तक कर्ज लेने की अनुमति देने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि मौजूदा उधार सीमा राज्य की जरूरतों के अनुरूप नहीं है। साथ ही हिमालयी क्षेत्रों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन के लिए अलग बजटीय प्रावधान और डिजास्टर रिस्क इंडेक्स को पहाड़ी राज्यों के लिए अलग परिभाषित करने पर भी जोर दिया गया।
अब सबकी निगाहें 1 फरवरी पर टिकी हैं, जब यह साफ होगा कि आम बजट 2026 हिमाचल प्रदेश की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है।