अमेरिकी नौसेना की हिरासत से छूटकर घर लौटा पालमपुर का रिक्षित चौहान, साझा की आपबीती

1 फरवरी: अटलांटिक महासागर में अमेरिकी नौसेना द्वारा जब्त किए गए रूसी ऑयल टैंकर मैरिनेरा में फंसे हिमाचल प्रदेश के पालमपुर निवासी रिक्षित चौहान रविवार को सुरक्षित अपने घर पहुंच गए। रिक्षित की वतन वापसी से जहां परिवार ने राहत की सांस ली, वहीं पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

उल्लेखनीय है कि 7 जनवरी को अमेरिकी नौसेना ने रूसी ऑयल टैंकर मैरिनेरा को अपने कब्जे में लिया था। इस टैंकर पर कुल 28 क्रू मेंबर्स सवार थे, जिनमें तीन भारतीय नागरिक भी शामिल थे। इन्हीं में से एक पालमपुर निवासी रिक्षित चौहान थे। रिक्षित की अपने पिता से आखिरी बातचीत 7 जनवरी की शाम करीब 5 बजे हुई थी, इसके बाद सुरक्षा कारणों से उनका संपर्क पूरी तरह टूट गया था। परिजनों की चिंता तब कुछ कम हुई जब 26 जनवरी की रात को रिक्षित का दोबारा परिवार से संपर्क हो सका।

घर लौटने के बाद रिक्षित चौहान ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि अमेरिकी नौसेना द्वारा टैंकर जब्त किए जाने के बाद उन्हें किसी भी प्रकार की प्रताड़ना का सामना नहीं करना पड़ा। नौसेना की ओर से उनके खानपान और अन्य मूलभूत सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया। हालांकि, सुरक्षा कारणों के चलते उन्हें किसी से भी संपर्क करने की अनुमति नहीं थी, जिस कारण वे अपने परिवार से बात नहीं कर पा रहे थे।

रिक्षित की सुरक्षित वापसी पर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे केंद्र सरकार की सशक्त कूटनीति का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना सशक्त नेतृत्व, प्रभावी विदेश नीति और सरकार की संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण है। त्रिलोक कपूर ने कहा कि मोदी सरकार में देश का हर नागरिक सुरक्षित है।

इस अवसर पर रिक्षित चौहान और उनके परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि अपनों को सुरक्षित पाकर परिजनों के चेहरों पर लौटी मुस्कान ही सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

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