28 जनवरी: उत्तरी अटलांटिक महासागर में अमेरिकी कोस्ट गार्ड की हिरासत में लिए गए जहाज मैरिनेरा पर फंसे पालमपुर के रक्षित चौहान समेत सभी भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रिहा कर दिया गया है। करीब 20 दिनों की अनिश्चितता के बाद सोमवार रात जब रक्षित ने फोन पर परिवार से बात की, तो सिद्धपुर (बिंद्रावन) स्थित घर में खुशी और भावुकता का माहौल बन गया।
मर्चेंट नेवी में कार्यरत रक्षित से परिजनों की अंतिम बातचीत 7 जनवरी को हुई थी। इसके बाद जहाज के जब्त होने की खबर सामने आने से परिवार गहरे तनाव में आ गया। रक्षित की सुरक्षित रिहाई के लिए हिमाचल से लेकर दिल्ली तक लगातार प्रयास किए गए। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने मामला सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के समक्ष उठाया, जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने हस्तक्षेप किया। कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा भी लगातार दूतावास के संपर्क में रहे।
रक्षित ने फोन पर बताया कि वह पूरी तरह सुरक्षित है और हिरासत के दौरान किसी तरह की स्वास्थ्य या भोजन संबंधी परेशानी नहीं हुई। बेटे से सीधी बात होने के बाद ही परिवार को वास्तविक राहत मिली।
गौरतलब है कि 7 जनवरी को अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने रूसी तेल टैंकर मैरिनेरा को प्रतिबंध उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया था। जहाज पर तीन भारतीय समेत कुल 26 विदेशी नागरिक सवार थे, जिन्हें अब सुरक्षित रिहा कर दिया गया है।